October 8, 2009

surprise!!


मेरे सारे बादल जाने क्यों
सूरज से जा मिले हैं
मैं कहता हूँ मुझसे बातें करो
वो कहते हैं कि लब सिले हैं

नारंगी शामों में जाने वो
क्या खिचडी पकाते रहते हैं
मैं कुछ बोलूँ तो
चुप रहने को कहते हैं

पर मुझे पता है
क्या साजिश हो रही है
कल बारिश के आने की
घड़ी हो रही है

वो सब मिल कर कल
मुझे बारिश से मिलवायेंगे
फ़िर हम सब मिल कर
भीग भीग गायेंगे

[photo by basu. taken somewhere near dharmasala]

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