February 13, 2008

endless skies


इक छोटा सा आकाश
आंखों में छुपाये
नीले चश्मे से
दुनिया को देखो तो
मन करता है
बस पतंग बन
उड़ जाए कहीं दूर
बादलों के देश को

पर साँसों की डोर तो
धरती से बंधी है
और बादल वो सारे
काले-कलूटे से हैं
बारिशों में भीगा
मन सहमा सा है
छोटा सा आकाश
कहीं खो गया है

2 comments:

Anonymous said...

font is a little small .. can u try bigger

naween said...

@anon

look at the bright side. you won't have to scroll much [:P]!!